इन छोटी-छोटी आदतों के जरिए भी आप कर सकते हैं धरती की हिफ़ाजत
2. अगर आप हॉब पर खाना बना रहे हैं तो कोशिश करें कि सॉसपैन उतना बड़ा हो जितना हीटिंग एलिमेंट है। इससे पैन जल्दी गर्म होगा और ऊर्जा खपत कम होगी।
3. दांतों को ब्रश करते वक्त या फिर शेविंग करते वक्त वॉश बेसिन का नल खुला न रखें। एक मिनट तक नल से बहते पानी के कारण एक लीटर पानी बर्बाद हो सकता है।
4. जिन नलों में से पानी रिसता रहता है उन्हें ठीक कराएं। एक रिसते नल में से औसतन 5500 लीटर पानी बर्बाद हो सकता है।
5. गार्डन होज व स्प्रिंकलर्स एक हजार लीटर प्रति घंटे तक पानी बर्बाद कर सकते हैं जो कि किसी एरवेज फैमिली की वॉटर डेली यूज से भी ज्यादा है।
पेड़-पौधे लगाएं : धरती को बचाने और संवार कर रखने के लिए पेड़-पौधे लगाने जरूरी हैं इसलिए अपने घर से पौधे लगाने की शुरूआत करें। स्वच्छ हवा और वातावरण के लिए पेड़-पौधे लगाने जरूरी है।
पॉलीथिन का इस्तेमाल नहीं : हमारी पृथ्वी को सबसे अधिक नुक्सान पहुंचाने वाली चीजों में से एक है पॉलीथिन। यह एक चीज है जो जलने के बाद भी वातावरण को हानि पहुंचाती है इसलिए इसका इस्तेमाल एकदम बंद करें।
स्वच्छता का रखें ध्यान : गंदगी पृथ्वी को कई तरह से नुक्सान पहुंचाती है जिससे पृथ्वी की सतह के कमजोर होने का खतरा बना रहता है इसीलिए सफाई का खास ध्यान रखें जिससे हमारी पृथ्वी को किसी तरह का नुक्सान न होने पाए।
पुरानी चीजों को करें रिसाइकिल : पुरानी चीजों को फैंकने की बजाय उन्हें सम्भाल कर रखें और रिसाइकिल करने के लिए सौंपें।
प्रदूषण पैदा न करें : प्रदूषण कम करने में आप अपनी छोटी-छोटी आदतें बदल कर योगदान दे सकते हैं। जैसे कि आप अधिक से अधिक साइकिल का उपयोग करें तो तंदुरुस्त तो रहेंगे ही, प्रदूषण भी कम फैलेगा।
पशु-पक्षियों को न करें तंग : धरती पर हर तरह का जीवन महत्वपूर्ण है। प्रकृति ने हर चीज को एक विशेष उद्देश्य से जीवन दिया है। सभी पर्यावरण में अपना-अपना योगदान देते हैं।
न जलाएं कूड़ा : आमतौर पर गली-गली, नुक्कड़-नुक्कड़ कूड़े के ढेर लगे रहते हैं और कुछ लोग उस गंदगी को जगह-जगह से इकट्ठा कर जला देते हैं जिससे हमारे वातावरण में वायु प्रदूषण फैलने का खतरा बढ़ जाता है।
On. 15.05.2021
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