सरसों की राह पर कपास, MSP से ऊपर पहुंचा दाम, किसानों की बल्ले-बल्ले
सरसों की तरह ही किसानों को कपास के भी अच्छे दाम मिले हैं. इसकी वजह से इस साल इसकी खेती के प्रति उनकी दिलचस्पी बढ़ सकती है. वे खरीफ सीजन की दूसरी प्रमुख फसलों के बजाय कपास की बुवाई अधिक कर सकते हैं. एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस साल खरीफ सीजन में कपास की बुवाई का रकबा कम से कम 10 प्रतिशत तक बढ़ सकता है. गुजरात, राजस्थान और तेलंगाना में इसकी सबसे अधिक उम्मीद लगाई जा रही है.
देश के किसानों को चालू सीजन कपास का भाव एमएसपी से 1,000 रुपये प्रतिक्विंटल से भी ज्यादा मिला है. वहीं, मंडियों में सरसों का औसत रेट 5500 रुपये क्विंटल का चल रहा है, जबकि इसकी एमएसपी 4650 रुपये है।
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नए सीजन में कपास की बुवाई शुरू
बीते दिनों गुजरात में कपास का भाव 6500 रुपये प्रति क्विंटल से भी ऊपर तक उछला था. दुनिया के कॉटन बाजार पर पैनी निगाह रखने वाले विशेषज्ञ कहते हैं कि आगामी खरीफ सीजन में कपास का रकबा पिछले साल से ज्यादा रहेगा. उन्होंने बताया कि उत्तर भारत के कुछ इलाकों में नए सीजन में कपास की बुवाई शुरू हो चुकी है. इस महीने के आखिर तक ये और जोर पकड़ लेगी।
सीसीआई की खरीद बंद
जब तक कपास का भाव एमएसपी से कम था, तब तक भारतीय कपास निगम (सीसीआई) की खरीदारी चल रही थी, इसलिए किसानों को MSP मिल रहा था, लेकिन जब बाजार में उनको एमएसपी से ऊंचा भाव मिलने लगा तो वे बाजार में ही बेचने लगे और सीसीआई की खरीद बंद हो गई।
बाजार के सूत्रों मुताबिक कपास का रकबा बढ़ने से इस साल बीज की किल्लत बनी रह सकती है. कपास सीजन 2020-21 में देश के किसानों ने कुल 129.57 लाख हेक्टेयर में कपास की खेती की थी।
पिछले साल उत्पादन
कॉटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया के आकलन के अनुसार, चालू कॉटन सीजन 2020-21 (अक्टूबर-सितंबर) में देश में कॉटन का कुल उत्पादन 358.50 लाख गांठ (एक गांठ में 170 किलो) रहा है।
वहीं, पिछले साल का बकाया स्टॉक 125 लाख गांठ और आयात करीब 12 लाख गांठ को मिलाकर कुल आपूर्ति 495.50 लाख गांठ रहेगी।
कितनी होगी इस बार सरसों की फसल?
कृषि मंत्रालय के अनुसार इस बार सरसों की पैदावार पहले से ज्यादा हो सकती है. माना जा रहा है कि 2019-20 में सरसों की उपज 91.2 लाख टन हुई थी, जो 2020-21 में बढ़कर 104.3 लाख टन होने की संभावना है. कहा जा रहा है कि अब तक देश में इतनी सरसों की पैदावार कभी नहीं हुई है l
On. 07.04.2021
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